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कोरोना को हराने के साथ सोशल मीडिया पर महिलाएं कर रही मन की बात सांझा

हर रोज दो घंटे देशभर की महिलाएं कर रही आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनने पर खुलकर चर्चा,महिला शक्ति मंच पर मन की बात में महिलाओं का दुख-दर्द बांट रही संतोष दहिया


कुरुक्षेत्र, 15 मई (देवीलाल बारना)। बेशक वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लॉकडाउन में जिदंगी थम चुकी हो, लेकिन महिलाएं लॉकडाउन में आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं। देशभर की महिलाएं हर रोज 2 घंटे चारदीवारी के भीतर परिवार को सुरक्षित रखने के साथ देश की प्रगति पर खुलकर चर्चा कर रही हैं। महिला खाप महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया महिला शक्ति मंच के जरिये मन की बात में हर रोज महिलाओं का दुख-दर्द बांट रही हैं। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हर व्यक्ति अपना योगदान दे रहा है। मगर राष्ट्रपति आवार्डी एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. संतोष दहिया ने महिलाओं से मन की बात सांझा करने की ओर कदम बढ़ाया। सोशल मीडिया के जरिये संतोष दहिया न केवल महिलाओं की हर समस्या का समाधान कर रही हैं, बल्कि महिलाओं को रोजगार व स्वावलंबी बनाने की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। देशभर में सोशल मीडिया पर महिला शक्ति मंच के जरिये 10 से ज्यादा ग्रुप चल रहे हैं, हर ग्रुप में 256-256 यानि 2500 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। डॉ. संतोष दहिया बताती हैं कि लॉकडाउन में महिलाओं को मन की बात सांझा करने का एक प्लेटफार्म दिया है, जिसमें वे अपनी बात बेझिझक होकर रख सकती हैं। ग्रुप का मकसद देश में तनाव पूर्ण माहौल को खुशमयी बनाना है। संकट की इस घड़ी में महिलाओं का घर बैठे मनोरंजन भी हो रहा है, जिसमें खुलकर अपनी बात रख रही हैं। ग्रुप में हर रोज 2 घंटे चर्चा का समय निश्चित किया गया है, जिसमें 4 से 6 बजे तक समय निर्धारित किया गया है। ग्रुप में महिलाएं न केवल देश की उन्नति को लेकर खुलकर चर्चा कर रही हैं, बल्कि ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार भी रख रहे हैं। यही नहीं हर रोज चर्चा का विषय भी निर्धारित किया गया है, जिस पर महिलाएं अपनी राय देती हैं। मंच से जुड़ी बुंदेलखंड की भावना गोस्वामी का कहना है कि संतोष दहिया ने महिलाओं को मंच देकर उनकी प्रतिभा को निखारने का काम मौका दिया हे। हरियाणा से सुनीता मलिक व अमरजीत कौर ने बताया कि सबसे खुशी की बात यह है कि इस ग्रुप में केवल हरियाणा की महिला ही नहीं है बल्कि पूरे देश की महिलाओं की संस्कृति और उनकी विचारधारा को जानने का मौका मिल रहा है। उत्तर प्रदेश की सुषमा नागर व अंजली का कहना है कि काम करके थकान के बाद खुद को बेहद परेशान महसूस करती थी, लेकिन वे संतोष दहिया की आभारी हैं कि ऐसे समय में उन्होंने हमें उस परेशानी से बाहर निकाला। राजस्थान की पूनम व प्रतिभा भटनागर ने बताया कि इस मंच ने महिलाओं में उत्साह में भर दिया है। फटाफट काम निपटा कर 4:00 बजे सभी बहनों के साथ अपनी बातें शेयर करने में हमें बहुत मोटिवेशन मिल रहा है। पंजाब की अनीता शर्मा, हिमाचल प्रदेश की पूनम, सुंदरवाला, बिहार की ज्योति गुप्ता, झारखंड की रम्मी रानी, दिल्ली की अंजू ने बताया कि लॉक डाउन में ऐसा लगता था कि जैसे हम गुमनाम अंधेरों में गुम हो गए हैं लेकिन इस मंच के माध्यम से हमें घर में रहकर देश की सभी महिलाओं से मिलने का मौका मिल रहा है।


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