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अभिभावक नही भर सकते नीजि स्कूलों की भारी भरकम फीस

Updated: May 8, 2020

खुशी उन्नति केंद्र के हजारों वॉंलिंटियर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से ई-मेल के जरिए करेंगें फीस माफी की मांग

यमुनागनर, 18 अप्रैल। मार्च माह से प्रदेश में कोविड-19 के कारण लॉकडउान चल रहा है। ऐसे में गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों पर रोजी-रोटी का भी संकट आ खडा हुआ है। हालांकि आमलन पर राटी का संकट न आए इसके लिए अनेकों सामाजिक संस्थाएं सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर व्यक्ति तक राशन भेजने में जुटी हुई हैं, लेकिन एक परिवार में राशन के अलावा भी अनेकों जरूरतें हैं। इन जरूरतों में सबसे अहम हो जाती है बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उनकी शिक्षा। लॉकडाउन के कारण लोगों की जेबें खाली हो रही हैं लेकिन नीजि स्कूल संचालक एसएमएस के जरिए अभिभावकों पर फीस जमा करवाने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे संकट के समय में जब रोजगार समाप्त हो चुके हैं तो कैसे बच्चों की फीस भरी जाएं।


खुशी उन्नति केंद्र के वॉलिंटियर ई-मेल करके करेंगें माफी की मांग खुशी उन्नति केंद्र के अध्यक्ष गौरव चौधरी ने बताया कि यमुनानगर में एक हजार से ज्यादा संस्था के वॉलिंटियर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ई-मेल कर नीजि स्कूलों की फीस माफी की मांग करेंगें। वहीं ई-मेल के जरिए मुख्यमंत्री को वास्तविक स्थिति से भी वाकिफ करवाया जाएगा कि गरीब व मध्यम वर्ग क्यों अपने बच्चों की फीस नही भर सकता।

ग्राऊंड रिपोर्ट में आया सामने सामाजिक संस्था खुुशी उन्नति केंद्र के अध्यक्ष गौरव चौधरी ने बताया कि यमुनानगर के अलावा देश के विभिन्न शहरों में संस्था खुशी उन्नति केंद्र के वॉलिंटियर ग्राऊंड पर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में सामने आया कि एक आम व्यक्ति के लिए अपने बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने का संकट आन खडा हुआ है। सभी अभिभावकों को चिंता सता रही है कि अप्रैल से नया सैशन शुरु हो चुका है और काम पर न जाने के कारण जेब खाली हो चुकी है तो वे कैसे नीजि स्कूलों में बच्चों के दाखिले व फीस का खर्चं वहन कर सकेंगें।

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